
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में पुलिस ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुलदार की खाल के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसने करीब दो वर्ष पहले फंदा लगाकर गुलदार का शिकार किया था और उसकी खाल को घर में छिपाकर रखा हुआ था। अब वह इसे हरियाणा में बेचने की तैयारी कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देश पर जिलेभर में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान सतपुली थाना पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम पोखरी दुधारखाल निवासी एक व्यक्ति के पास गुलदार की खाल है और वह उसे बेचने के लिए हरियाणा ले जाने की फिराक में है।
सूचना के आधार पर क्षेत्राधिकारी पौड़ी के पर्यवेक्षण में सतपुली पुलिस ने टीम गठित कर ग्राम पोखरी में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी संदीप कुमार धस्माना को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके घर में रखे एक टिन के बॉक्स से गुलदार की खाल बरामद हुई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब दो साल पहले उसने जंगल में फंदा लगाकर गुलदार का शिकार किया था। इसके बाद उसने उसकी खाल निकालकर सुखाई और घर में छिपाकर रख दी। लंबे समय से वह खाल बेचने के लिए खरीदार की तलाश कर रहा था और हाल ही में हरियाणा में इसे बेचने की योजना बना रहा था।
पुलिस ने बताया कि गुलदार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीव है। ऐसे वन्यजीव का शिकार करना, उसकी खाल रखना अथवा उसका व्यापार करना गंभीर और दंडनीय अपराध है। आरोपी के खिलाफ सतपुली थाने में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 39, 50 और 51 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पौड़ी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं वन्यजीवों के अवैध शिकार, तस्करी या वन्यजीव अंगों के कारोबार की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।









