उत्तराखंड शिक्षा विभाग में बड़ा तबादला एक्सप्रेस, 1592 शिक्षक-कर्मचारियों के ट्रांसफर

उत्तराखंड शिक्षा विभाग में लंबे इंतजार के बाद तबादलों की सूची जारी हो गई है। अनुरोध के आधार पर 1592 शिक्षकों और कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार स्थानांतरित कर्मचारियों और शिक्षकों को सात दिन के भीतर नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। खास बात यह है कि उन्हें प्रतिस्थानी का इंतजार नहीं करना होगा।

माध्यमिक शिक्षा विभाग में चार प्रधानाध्यापकों के तबादले किए गए हैं। भूपेंद्र सिंह रावत को टिहरी से देहरादून, जसपाल सिंह पटवाल को टिहरी से डोईवाला, कैलाश चंद्र डिमरी को सहसपुर और नेत्रपाल सिंह को सहसपुर से रायपुर भेजा गया है। इसके साथ ही 105 मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं, जिनमें 68 पारस्परिक तबादले शामिल हैं।

प्रवक्ता संवर्ग में भी बड़ी संख्या में तबादले हुए हैं। महिला संवर्ग की 26 और सामान्य संवर्ग के 298 प्रवक्ताओं का स्थानांतरण किया गया है। वहीं प्रारंभिक शिक्षा में भी विभिन्न जिलों में शिक्षकों को नई तैनाती दी गई है। टिहरी में 51, रुद्रप्रयाग में 11, देहरादून में 91, पिथौरागढ़ में 39, पौड़ी में 60, उत्तरकाशी में 43, चंपावत में 55, ऊधमसिंह नगर में 20, हरिद्वार में 60, नैनीताल में 45, बागेश्वर में 14 और अल्मोड़ा में 18 शिक्षकों के तबादले किए गए हैं।

इन तबादलों में सबसे अधिक जोर दुर्गम क्षेत्रों से सुगम क्षेत्रों में शिक्षकों को भेजने पर रहा है। कई शिक्षकों का सुगम से सुगम क्षेत्रों में भी तबादला किया गया है। वहीं कुछ शिक्षकों को दुर्गम से दुर्गम विद्यालयों में भेजा गया है, लेकिन ऐसे मामलों की संख्या सीमित है।

तबादलों के बाद अब दुर्गम और अति दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी सामने आ सकता है। यदि इन विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या कम होती है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में विभाग को कम शिक्षक संख्या वाले विद्यालयों में समायोजन की प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनोद सिमल्टी के मुताबिक प्रवक्ता संवर्ग में तबादलों की प्रक्रिया अभी जारी है। कुछ प्रवक्ताओं के तबादले किए जा चुके हैं, जबकि शेष की सूची प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द जारी की जाएगी।

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