
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ चारधाम यात्रा की रफ्तार भी थाम दी है। प्रदेशभर में नदियां उफान पर हैं, कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और 85 सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। यमुनोत्री हाईवे पर कई जगह मलबा और चट्टानें गिरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे सैकड़ों श्रद्धालु और स्थानीय लोग रास्ते में फंस गए हैं।
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि राज्य के अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट लागू है। विभाग ने कई इलाकों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। हालात को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र प्रदेशभर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर बुधवार रात से जारी बारिश के कारण हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। सिलाई बैंड, दुर्बिल बैंड और जंगलचट्टी क्षेत्र में भारी भूस्खलन से हाईवे पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आ गया है, जिसके चलते यातायात पूरी तरह ठप हो गया। निर्माण एजेंसी की मशीनें मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार पहाड़ियों से मलबा गिरने के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही रोक दी है। हाईवे के दोनों ओर श्रद्धालुओं के वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और कई यात्रियों को घंटों तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।
उधर, स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है। नदी के उफान के कारण कई होटल और भवनों की पहली मंजिल तक पानी भर गया है। पिछले एक सप्ताह से स्थानीय लोग जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में कुल 85 सड़कें बंद हैं। इनमें अल्मोड़ा की 2, बागेश्वर की 10, चमोली की 20, देहरादून की 7, नैनीताल की 8, पौड़ी की 5, पिथौरागढ़ की 13, रुद्रप्रयाग की 6, टिहरी की 8 और उत्तरकाशी की 6 सड़कें शामिल हैं।
इधर, गुरुवार सुबह विजयनगर-तैला मोटर मार्ग भी एक बार फिर भूस्खलन की चपेट में आ गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। यह मार्ग 80 से अधिक गांवों की जीवनरेखा माना जाता है। मानसून के दौरान इस सड़क का शुरुआती हिस्सा लगातार भूधंसाव और भूस्खलन से प्रभावित हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। वहीं प्रभावित मार्गों को जल्द से जल्द खोलने के लिए विभिन्न एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत और बहाली कार्य में जुटी हुई हैं।








