
उत्तराखंड में जंगली जानवरों के बाद अब आवारा कुत्तों का आतंक भी लोगों के लिए बड़ी चिंता बनता जा रहा है। चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में हमलावर आवारा कुत्तों ने लगातार दो दिनों में बच्चों समेत कई लोगों को अपना निशाना बनाया है। कुत्तों के हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। खासकर अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र के 10 स्कूलों में चार दिन का अवकाश घोषित कर दिया है।
दरअसल, नारायणबगड़ बाजार और आसपास के कस्बाई क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। मंगलवार को एक हमलावर कुत्ते ने चार लोगों को काटकर घायल कर दिया था। इसके बाद बुधवार को भी दूसरे कुत्ते ने पांच लोगों पर हमला कर दिया। इन घटनाओं में दो स्कूली बच्चों सहित कुल नौ लोग घायल हुए हैं।
कुत्तों के हमले में केवर गांव निवासी बलबीर राम (60), नारायणबगड़ निवासी अनीता देवी (33), भगोती गांव निवासी महेंद्र सिंह (68), रैंस गांव निवासी भानुप्रकाश (19), दीपांशु (15), मानवी (11), वैष्णवी (14) और नेपाली मजदूर लक्ष्मी व प्रकाश घायल हुए हैं। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए नारायणबगड़ क्षेत्र के 10 विद्यालयों को चार दिन तक बंद रखने का फैसला लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी चमोली की ओर से सरकारी, अर्द्धसरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के लिए आदेश जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार 20 अगस्त से 23 अगस्त तक संबंधित विद्यालयों में भौतिक कक्षाएं संचालित नहीं होंगी। हालांकि, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल प्रबंधन ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं जारी रखेगा।
बच्चों के भी कुत्तों के हमले का शिकार होने के बाद अभिभावकों में डर बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि बाजार और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हमलावर कुत्तों के कारण छोटे बच्चों का अकेले घर से निकलना भी जोखिम भरा हो गया है।
प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से हमलावर आवारा कुत्तों को पकड़ने और क्षेत्र में कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।









