
उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद किए गए कथित शुद्धिकरण को सही ठहराया है। उन्होंने कांग्रेस पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने और समाज में विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया। भट्ट ने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा और कार्यक्रम नहीं है, इसलिए वह ऐसे मामलों को तूल दे रहा है।
पत्रकारों से बातचीत में महेंद्र भट्ट ने कहा कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के दौरान जिस तरह की स्थिति बनी और कथित तौर पर कुछ नारे लगाए गए, वे मैदान की मर्यादा के अनुरूप नहीं थे। ऐसे में यदि कार्यक्रम के बाद मैदान का शुद्धिकरण किया गया तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने कहा कि किसी धार्मिक या सांस्कृतिक स्थल की स्वच्छता और शुद्धिकरण को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
भट्ट ने कांग्रेस पर मामले को अनुसूचित जाति से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को दलित समाज से जोड़कर अपने ही राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि खड़गे के नाम पर उत्तराखंड में जिस तरह की राजनीति की जा रही है, उसे स्वयं खड़गे भी समझते होंगे।
गौरतलब है कि खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ ने 10 अगस्त को हवन कर रामलीला मैदान के शुद्धिकरण का दावा किया था। संगठन ने आरोप लगाया था कि रैली के दौरान मंच से कथित तौर पर धर्म विशेष के समर्थन में नारे और आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे मैदान की पवित्रता प्रभावित हुई।
इस मामले को कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में शुद्धिकरण का मुद्दा उठाते हुए इसे लेकर भाजपा पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सदन में जवाब देना पड़ा था। कांग्रेस इस पूरे आयोजन के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराती रही है, जबकि भाजपा ने आरोपों को खारिज करते हुए शुद्धिकरण कराने वाले संगठन से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया है।









