
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हॉस्टल और पीजी की आड़ में होने वाली मनमानी पर शिकंजा कसने के लिए दून पुलिस ने देर रात सघन चेकिंग अभियान चलाया। एसएसपी के निर्देश पर एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने प्रेमनगर क्षेत्र के हॉस्टल और पीजी खंगाले। अचानक हुई इस कार्रवाई से संचालकों और छात्रों में हड़कंप मच गया।
चेकिंग के दौरान चार हॉस्टलों में नियमों का उल्लंघन और अनियमितताएं सामने आईं। पुलिस ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी करते हुए तय समय में सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए। वहीं, देर रात बिना किसी स्पष्ट कारण के घूमते मिले चार संदिग्ध युवकों को पुलिस हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
अभियान के दौरान पुलिस ने हॉस्टल-पीजी में रहने वाले छात्र-छात्राओं की जानकारी जुटाई और संचालकों को सभी विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, रात 10 बजे तक छात्रों की वापसी सुनिश्चित करने तथा बाहरी लोगों को बिना सत्यापन प्रवेश न देने को कहा गया।
पुलिस ने आने-जाने वाले लोगों का पूरा रिकॉर्ड रखने के भी निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि किसी हॉस्टल या पीजी में रहने वाला छात्र आपराधिक गतिविधि या नशे से जुड़ी किसी गतिविधि में पकड़ा गया तो संबंधित छात्र के साथ संचालक की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने कहा कि देहरादून में पढ़ाई के नाम पर हुड़दंग, नशे और आपराधिक गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले हॉस्टल और पीजी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हॉस्टल और पीजी की निगरानी को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।







