पहली बारिश में ही जवाब दे गया 16 करोड़ का पुल! डीएम ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारी बारिश ने करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए पुल की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रेमनगर-नंदा की चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने इस पुल को महज 16 दिन पहले ही यातायात के लिए खोला गया था, लेकिन बारिश के बाद इसकी एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंस गया। सड़क पर बड़ा गड्ढा बनने के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर पुल से वाहनों की आवाजाही रोक दी।

हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने स्पष्ट किया कि मुख्य पुल सुरक्षित है। भारी बारिश के कारण पुल से जुड़ी एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी बह गई, जिसके चलते सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। संबंधित कार्यदायी संस्था ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।

पिछले साल बरसात में टौंस नदी के तेज बहाव से पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से इसका पुनर्निर्माण कराया गया। 11 जुलाई की रात ह्यूम पाइप डालकर बनाई गई अस्थायी पुलिया भी तेज बहाव में बह गई थी। इसके बाद यातायात की समस्या को देखते हुए मुख्य पुल का काम तेजी से पूरा कराया गया और 13 जुलाई को इसे वाहनों के लिए खोल दिया गया था।

लेकिन यातायात शुरू होने के सिर्फ 16 दिन बाद ही एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

एप्रोच रोड धंसने की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी आशीष चौहान मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त एप्रोच वॉल और सड़क का निरीक्षण किया। डीएम ने अधिकारियों को तत्काल मरम्मत शुरू करने और तीन घंटे के भीतर एप्रोच वॉल को रिस्टोर करने के निर्देश दिए।

मौके पर पीडब्ल्यूडी और सीपीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों को क्षति की तकनीकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीएम आशीष चौहान ने कहा कि पुल की एप्रोच रोड में गड्ढा बनने की जानकारी के बाद तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि कोई विभागीय अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भारी बारिश का असर देहरादून के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिला। डीएम ने सौड़ा सरोली पहुंचकर पीएमजीएसवाई की बारिश से क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया और इसे जल्द खोलने के निर्देश दिए। मलबा आने के कारण बंद हुआ थानों मार्ग भी यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है।

प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं। क्षतिग्रस्त सड़कों और मार्गों को खोलने के साथ-साथ बारिश से हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। वहीं नंदा की चौकी के पास एप्रोच रोड की मरम्मत पूरी होने तक यातायात व्यवस्था पर पुलिस की निगरानी बनी रहेगी।

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