
नैनीताल जिले के ज्योलिकोट और आसपास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल की समस्या को देखते हुए शुक्रवार को भी जल संस्थान की ओर से टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति जारी रही। क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सामान्य करने के लिए विभागीय टीमों ने टैंकों, पेयजल स्रोतों और पाइपलाइनों का स्थलीय निरीक्षण किया।
उत्तराखंड जल संस्थान हल्द्वानी के अधीक्षण अभियंता और पेयजल निगम के अधीक्षण अभियंता ने जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान पेयजल टैंकों की सफाई, क्लोरीनेशन, फ्लैशिंग और मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पेयजल विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ज्योलिकोट क्षेत्र में पेयजल की शुद्धता और नियमित आपूर्ति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक टैंकरों के माध्यम से प्रतिदिन शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने सभी पेयजल स्रोतों, टैंकों और वितरण लाइनों की नियमित क्लोरीनेशन एवं सैंपलिंग कराने तथा इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर पाइपलाइन लीकेज या क्रॉस-कनेक्शन की शिकायतें हैं, वहां तत्काल मरम्मत कराने को कहा गया है।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर घर-घर सर्वे और जलजनित रोगों की निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से लगातार संवाद बनाए रखते हुए पेयजल से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने को भी कहा गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








