
उत्तराखंड के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। राज्य सरकार उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL), उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) और पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (PITCUL) में स्थायी प्रबंध निदेशकों की नियुक्ति करने जा रही है। इससे लंबे समय से चल रही अस्थायी व्यवस्था के समाप्त होने का रास्ता साफ हो गया है।
शासन स्तर पर चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने सभी पात्र अभ्यर्थियों के साक्षात्कार आयोजित किए। इस दौरान उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता, तकनीकी अनुभव और ऊर्जा क्षेत्र में उनके कार्य अनुभव का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
ऊर्जा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम के अनुसार, साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयन से जुड़ी फाइलें मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए भेज दी गई हैं। अब अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री स्तर पर लिया जाएगा, जिसके बाद नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा संभव है।
जारी प्रक्रिया के तहत कुल 18 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से दस्तावेजों की जांच के बाद 16 को योग्य पाया गया। निर्धारित तिथि पर 14 अभ्यर्थी ही साक्षात्कार में शामिल हुए।
लंबे समय से इन तीनों निगमों में प्रबंध निदेशक और अन्य शीर्ष पदों पर अस्थायी अधिकारियों के जरिए कामकाज चल रहा था, जिस पर स्थायी नेतृत्व की मांग लगातार उठती रही है। कर्मचारियों का मानना है कि स्थायी प्रबंध निदेशक की नियुक्ति से निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और दीर्घकालिक योजनाओं को गति मिलेगी।
उत्तराखंड में ऊर्जा क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास का अहम हिस्सा है, ऐसे में इन निगमों का मजबूत नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थायी एमडी की नियुक्ति के बाद बिजली उत्पादन, वितरण, ट्रांसमिशन और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं। मंजूरी मिलते ही तीनों ऊर्जा निगमों को नए स्थायी प्रबंध निदेशक मिल जाएंगे और वर्षों पुरानी अस्थायी व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।









