
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में अंकिता के माता-पिता को पुलिस द्वारा कथित तौर पर जबरन उठाए जाने के आरोपों पर आक्रोश जताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता काले गुब्बारे लेकर एयरपोर्ट की ओर रवाना हुए। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
अमित शाह के दौरे से पहले ही कांग्रेस ने काले झंडे दिखाकर विरोध करने की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मोहित उनियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जौलीग्रांट मुख्य मार्ग से होते हुए देहरादून एयरपोर्ट की ओर बढ़े। कार्यकर्ताओं ने हाथों में काले गुब्बारे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बस में बैठाकर हिरासत में ले लिया।
कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली के राजघाट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस जबरन अपने साथ ले गई। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान मोहित उनियाल ने अमित शाह के दौरे के चलते आम लोगों और व्यापारियों को हो रही दिक्कतों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धनतेरस जैसे बड़े त्योहार पर मार्ग बंद किए जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एयरपोर्ट से देहरादून जाने वाले मार्ग पर पटाखों की दुकानों को शाम तक बंद कराने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि वीआईपी दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर आम जनता की सुविधाओं और व्यापारियों की आजीविका की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।











