उत्तराखंडः बीकेटीसी में कर्मचारियों को बड़ा तोहफा

उत्तराखंड में बीकेटीसी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बदरी-केदार मंदिर समिति की बोर्ड बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण, समान कार्य समान वेतन, स्थायी कर्मचारियों की पदोन्नति और असमय दिवंगत अस्थायी कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बिना स्थायी हुए सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को अधिवर्षता आयु पूरी होने पर एकमुश्त राशि देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय सभागार में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक आयोजित की गई। भगवान बदरीविशाल और भगवान केदारनाथ की स्तुति के साथ शुरू हुई बैठक में पिछली बैठक की कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा की गई। इसके बाद मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने विभिन्न प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखे, जिन पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में इस वर्ष की चारधाम यात्रा के प्रथम चरण की व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ आगामी द्वितीय चरण की यात्रा को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के दिशा-निर्देशों में यात्रा के सफल संचालन के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया।

अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष अब तक श्री हेमकुंड साहिब समेत चारधाम में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि 60 लाख से अधिक यात्रियों का पंजीकरण हो चुका है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में ही 32 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इनमें बदरीनाथ धाम में 17,22,908 और केदारनाथ धाम में 14,92,047 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। दोनों धामों से समिति को इस यात्रा सीजन में अब तक 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है।

बोर्ड बैठक में आगामी यात्रा व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए वेबसाइट के आधुनिकीकरण, यात्रा एसओपी लागू करने, धामों और अधीनस्थ मंदिरों में सीसीटीवी व्यवस्था मजबूत करने तथा चढ़ावे की गणना में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।

इसके अलावा गुप्तकाशी शोणितपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय का नाम बीकेटीसी के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्ती के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया। श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के जीर्णोद्धार का दूसरा चरण शुरू करने, श्री तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और श्री त्रिजुगीनारायण मंदिर को प्रसिद्ध वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए।

बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने बताया कि स्थानीय हकहकूकधारियों और दस्तूरधारियों के हितों से जुड़े प्रस्तावों पर भी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं। बैठक में भीड़ प्रबंधन के लिए विषय विशेषज्ञों की सहायता लेने, सीता माता मंदिर चांई के जीर्णोद्धार और वेद संस्कृत महाविद्यालय खुलवाने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

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